Yogurt in Hindi

Yogurt in Hindi

भारत में ज्यादातर घर में दही (Yogurt in Hindi) ज़माने की प्राचीन परंपरा है और साथ ही इसे तरह तरह से इस्तेमाल किये जाने की प्रथा है| जैसे पूजा और विशेष विशेष मंगल कार्य में दही इस्तेमाल किया जाता है| भारत में अन्नप्राशन संस्कार में भी दही चावल खिलाना एक शुभ संस्कार है|

दही के बारे में कुछ बातें – Let’s know about Yogurt in Hindi

दही भारत में बहुत ही सुषम और अच्छा खाद्य माना जाता है| यह दूध से बनी बहुत ही जरुरी पौष्टिकता से भरपूर एक खाद्य है जो शरीर को सही पोषण देता है| इसमें लैक्टिक एसिड रहती है जो हमारे शरीर के हड्डीओं में मजबूती बनाय रखने में और साथ ही कैल्शियम की मात्रा सही रखने में मदत करता है| भारत में बहुत से लोग सिर्फ शाकाहारी भोजन ही करते हैं जिनके लिए दही प्रोटीन की भरपाई करने में मदत करता है और साथ ही चेहरे में निखार भी लाता है|

दही के बारे में कुछ इतिहास – History Of Yogurt

कम से कम 4,500 वर्ष पहले दूध के उत्पाद के खाद्य के रूप में उपयोग के प्रमाण मिलते हैं| सबसे प्रारंभिक दही (Yogurt) संभवतया जंगली जीवाणु लेक्टोबेसिलस डेलब्रूएकी उपप्रजाति बुल्गेरिकस के सहायता से बनाई जाती थी| मध्यकालीन तुर्कियों के द्वारा दही के उपयोग के रिकॉर्ड ग्यारहवीं शताब्दी में लिखी गयी पुस्तकों में मिलते हैं|

1900 के दशक तक, दही को दक्षिण एशिया, मध्य एशिया, पश्चिमी एशिया और दक्षिण पूर्वी यूरोप और मध्य यूरोपीय क्षेत्रों में प्रधान आहार के रूप में खाया जाने लगा| ” Yogurt ” एक तुर्की शब्द है|

भारत में इसे “दही (curd)” के नाम से व्यावसायिक रूप से बेचा जाता है और ज्यादातर इसके स्थानीय नाम से बुलाया जाता है| दही हिन्दू मान्यता के अनुसार पांच आहुतियों में से एक है जो अक्सर धार्मिक कार्यों में पंचामृत के रूप में इस्तेमाल किया जाता है| भारत के कई भागों में, भोजन में दही रोज शामिल होता है| प्राचीन काल से, ऐसा माना जाता है कि यह पाचन में मदद करती है और एसिडिटी में लाभकारी है|

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दूध से भी अच्छा है दही – Is Yogurt better then milk?

Yogurt यानि दही पोषण की दृष्टि से प्रोटीन, कैल्शियम राइबोफ्लेविन, विटामिन B6 और विटामिन B12 में समृद्ध है| यह दूध से ज्यादा लाभकारी होता है| जिन लोगो को लेक्टोज से समस्या होती हैं, वे बिना किसी हानिकारक प्रभाव के दही का सेवन कर सकते हैं, क्योंकि प्राथमिक दूध में जो लेक्टोज होता है उसे जीवाणु संवर्धन के द्वारा लैक्टिक अम्ल में बदल दिया जाता है| इसलिए दूध में उपस्थित शर्करा को ब्यक्ति को खुद पचाने की जरुरत नहीं होती लैक्टिक अम्ल उसे आसानी से हजम होने में मदत करता है|

अब जानते हैं दही में उपस्थित पोषक तत्वों के बारे में – Nutrition values in Yogurt

  • कैलोरी – 149
  • कार्बोहायड्रेट -12 ग्राम
  • फैट – 5 ग्राम
  • कोलेस्ट्रॉल – 32 मिलीग्राम
  • प्रोटीन – 9 ग्राम
  • कैल्शियम – 296 मिलीग्राम
  • फॉस्फोरस – 233 मिलीग्राम
  • पोटैशियम – 380 मिलीग्राम
  • सोडियम – 113 मिलीग्राम
  • विटामिन C -1.2 मिलीग्राम
  • विटामिन D – 96.5
  • विटामिन E – 0.1 मिलीग्राम
  • विटामिन K – 0.5
  • थिएमिने – 1 मिलीग्राम
  • राइबोफ्लेविन – 3 मिलीग्राम
  • नियासिन- 2 मिलीग्राम
  • विटामिन B6 – 0.1 मिलीग्राम
  • फोलेट – 2 माइक्रोग्राम
  • विटामिन B12 – 0.9 Microgram
  • चोलिने – 2 मिलीग्राम
  • बीटेन – 5 मिलीग्राम
  • पानी – 215 ग्राम

दही के स्वास्थ्यकारी लाभ –  Health benefit

  1. हमारे शरीर को देता है सही पोषण – Nutrition in Yogurt
  2. प्रोटीन से समृद्ध है दही – High in Protein
  3. खाना हजम करने में करता है मदत – Benefits Digestive Health
  4. प्रतिरक्षा क्षमता को बढ़ाता है – Strengthen Immune System
  5. ऑस्टियोपोरोसिस के खतरे को करता है कम – Protects Against Osteoporosis
  6. ह्रदय के सेहत के लिए भी फ़ायदेदायक है दही – Benefits Heart Health
  7. त्वचा को बनाता है मुलायम – Skin care and uses of Yogurt in Hindi
  8. वजन को सही रखने में मदत करता है दही – Helps in Weight Management

हमारे शरीर को देता है सही पोषण – Nutrition in Yogurt

अगर आप एक कप दही रोज लेते हो तो आपके शरीर में जरुरी पोषण के 49% इससे पूरी होती है| शाकाहारी जो लोग उतना प्रोटीन नहीं ले पाते है अगर वो रोज एक कप दही ले तो उससे उनकी शरीर में कैल्शियम की मात्रा सही बनी रहती है|

उम्र के साथ साथ हमारे हड्डिया अपने जान खोने लगती है और कमजोर हो जाती है क्यों की हम उम्र के साथ साथ उतना खा नहीं पाते हैं और इस कारण जरुरी पोषण की अभाव में हड्डिया कमजोर हो जाती है, अगर इस समय हम रोज दही अपने खाद्य सूचि में रखे तो उससे पोषण की मात्रा पूरी हो जाती है साथ ही यह दूसरे खाना हजम करने में भी मदत करता है|

दूध से भी ज्यादा पौष्टिकता दही में होती है इसलिए दही एक अच्छी स्त्रोत है कैल्शियम की|

प्रोटीन से समृद्ध है दही – High in Protein

अच्छी और सही प्रोटीन की मात्रा हमारे शरीर में एनर्जी की मात्रा को बनाए रखने में मदत करता है और साथ ही हमे रोजमर्रा के काम काज करने में भी मदत करता है| इसमें बहुत से विटामिन भी मौजूद है जो हमारे शरीर में प्रोटीन की कमी को सही करता है और मेटाबोलिज्म बनाए रखने में मदत करता है|

मांस और मछली आजके आधुनिक जीवनशैली के कारण पकाने की समय हमारे पाश नहीं होती और इस कारण हम बाहर के बनाई हुई यह सारे चीज़ खाते हैं, पर इससे हमे कुछ मदत नहीं मिल पाता है| इस जगह पर अगर हम रोज दही खाएंगे तो हमारे शरीर में प्रोटीन की सही मात्रा बनी रहती है और साथ ही एनर्जी भी| इसलिए रोज दही का इस्तेमाल बहुत ही जरुरी है आजके कामकाजी समय में प्रोटीन की मात्रा को सही रखने के लिए|

खाना हजम करने में करता है मदत – Digestive Health and Benefits of Yogurt in Hindi

वैसे आजकल ज्यादातर yogurt  हीट ट्रीटमेंट से बनाया जाता है इस कारण से इसके भीतर बननेवाले बक्टेरिया काफी समय नष्ट हो जाता है| यह लैक्टोज़ बक्टेरिया सेहत के लिए काफी अच्छा और सही होता है जो हमारे खाना हजम करने में मदत करता है|

इसलिए पैकेट में मिलनेवाले दही नहीं बल्कि मिटटी के बर्तन में बनी हुई दही या फिर घर पे बनी हुई दही ही लेना चाहिए| इसमें प्रचुर मात्रा में पानी होती है और साथ ही दूसरे विटामिन और पोषक तत्वों भी जो खाना हजम होने में बहुत मदत करता है| इसलिए अगर आप खाना खाने के बाद यह चीज़ लेंगे तो यह आपके लिए काफी अच्छा रहेगा|

प्रतिरक्षा क्षमता को बढ़ाता है – Strengthen Your Immune System

दही में कई सारे विटामिन के साथ विटामिन D भी अच्छी मात्रा में मौजूद है जो हमारे शरीर में प्रतिरक्षा क्षमता को बढ़ाने में मदत करता है| मौसमी ठण्ड से या फिर संक्रामक बुखार की आशंका भी इसे लेने से कम रहती है| इसलिए अगर आप खास कर मौसम परिवर्तन के समय दही अपने खाने में रोज रखे तो उससे प्रतिरक्षा क्षमता बढ़ता है|

बहुत से समय कमजोरी या फिर लो ब्लड प्रेसर के कारण भी हम थोड़ा थका महसूस करते है, इसके लिए भी अगर आप रोज दही थोड़ी मात्रा में नास्ते में रखते हैं तो काफी अच्छा फायदा मिल सकता है|

ऑस्टियोपोरोसिस के खतरे को करता है कम – Protects Against Osteoporosis

Yogurt  यानि दही में जो पोषक होता है वह बोन हेल्थ के लिए काफी जरुरी होता है इससे ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याय होने की आशंका काफी हद तक कम हो जाती है| इसमें कैल्शियम, प्रोटीन, पोटैशियम, फॉस्फोरस और विटामिन D जैसे जरुरी पोषण मौजूद है इसलिए यह हड्डीओं को मजबूत करने में मदत करता है|

यह समस्या बच्चो से जायदा 50 साल के उम्रवाले लोगो में ज्यादा पाई जाती है इसलिए उन्हें अपने रोज के खुराक के साथ साथ दही जरुर लेना चाहिए| बहुत सारे लोग जो दही नहीं खा पाते ज्यादा मात्रा में वो लस्सी भी ले सकते हैं|

ह्रदय के सेहत के लिए भी फ़ायदेदायक है दही – Benefits Heart Health

दही में जो फैट होती है उससे हमारी ह्रदय की सेहत काफी अच्छी रहती है| इसमें रहनेवाले सैचुरेटेड फैट ह्रदय को स्वस्थ रखता है और ह्रदय रोग की समस्या को दूर रखता है| आजकल ह्रदय रोग एक आम समस्या हो गई है इसलिए अगर 35 उम्र के बाद से ही दही अपने रोज के रूटीन में रखना शुरू करेंगे तो यह आपके हार्ट के सेहत को बनाए रखने में मदत करेगा और उम्र के साथ साथ जो हार्ट सम्पर्कित समस्या होती है उसके भय कम हो जाती है|

त्वचा को बनाता है मुलायम – Skin care and benefits of Yogurt in Hindi

दही दूध के गुण से भरपूर तो है ही साथ ही दही बनने की बाद उसमे दुग्ध प्रोटीन बहुत ज्यादा हो जाती है जो हमारे स्किन को भी मुलायम बनाता है| अगर आप दही को सेहद के साथ मिलाकर खायेंगे या फिर अपने त्वचा पे भी लगाएंगे तो आपको इसके असर कुछ समय में ही दिखने लगेगा| रोज दही खाने से यह चेहरे की सूखापन को कम करके एक प्राकृतिक निखार लाती है|

वजन को सही रखने में मदत करता है दही – Weight Management

आज हम बहुत ज्यादा जंक फ़ूड खाने के कारण मोटेपन की समस्या से झुझते रहते हैं| पर हम डायट करते समय अक्सर खाने के मात्रा इतनी कम कर देते हैं जिससे हमे कमजोरी का सामना करना पड़ता है| इसलिए अगर हम अपने वजन कम करने के लिए सोच रहे हैं अपने शरीर को किसी भी प्रकार के हानि ना देकर तो दही हमारे लिए एक सही खाना है|

सुबह नास्ते में और लंच में भी अगर हम दही लेते हैं तो दूसरा खाना कम खाकर भी दही से हमारे प्रोटीन और कैल्शियम, कैलोरी की मात्रा बनी रहती है| जिन लोगो के वजन कम है उनके लिए भी दही एक सही पोषण है वह भी अगर रोज दही खाने में लेंगे तो उनका सेहत भी बना रहेगा और प्रोटीन में कमी नहीं होगी|

इन्हे नहीं लेना चाहिए दही – Check if you are allergic to Yogurt

  • बहुत सारे लोगों को किसी भी प्रकार के दूध सम्बन्धी चीजों से समस्या होती है और एलर्जी भी होती है, ऐसे लोगों को दही नहीं लेना चाहिए|
  • बहुत सारे लोगों को लैक्टिक एसिड से एसिडिटी की समस्या हो जाती है तो उन्हें भी अपने डॉक्टर से पूंछ कर ही दही लेना चाहिए|
  • बहुत से दही में शुगर की मात्रा ज्यादा होती है बहुत से प्रदेश में अलग अलग तरह से दही बनाने की प्रथा है जैसे बंगाल में मिष्टी दही, तो जिन्हें मुधमेह की समस्या है उन्हें थोड़ा परख कर ही दही लेना चाहिए और सबसे अच्छा होगा अगर वे घर पे ही दही जमा ले|

भारतीय खाने में दही की कुछ डिश – Use of Yogurt in Indian Dishes

  • बंगाली मीठा दही यानि मिष्टी दोई
  • पंजाबी लस्सी
  • राजस्थानी दही कचौरी
  • गुजराती छास
  • उत्तर प्रदेश का मट्ठा
  • दक्षिण भारत की दही बड़े
  • दिल्ली के दही चाट

भारत के प्रादेशिक भाषाओ में इसके नाम – Various Names of Yogurt in Indian Languages

  • हिंदी – दही
  • संस्कृत – दधि
  • बांग्ला – दोई
  • तेलुगु – पेरुगु
  • तमिल – तयिर
  • कन्नड़ – मोसरू
  • मलयालम – तैरॅ

Reference – healthline.com

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