Pliva 433 in Hindi

Pliva 433 in Hindi

पलिवा 433 क्या है ? – What is PLIVA 433?

पलिवा 433 एक फिनाइल पिपेराज़ीन प्रकार की दवाई है जो उदासीनता कम करने के लिए बनी है। उदासीनता, अनिद्रा, फाइब्रोमयालजिया जैसी बीमारियों के इलाज में इसका उपयोग किया जाता है। गोली पर इसका नाम यानि PLIVA 433 गुदा रहता है। फ़ूड एण्ड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने इस दवा को कंट्रोल्ड सब्सटैंस एक्ट के तहत गर्भावस्था की श्रेणी C में रखा है।

आइये जानते हैं की पलिवा 433 कैसे काम करती है, इसके क्या दुष्प्रभाव हैं, क्या सावधानियां बरतनी चाहिए और कुछ निषेध जब पलिवा 433 बिलकुल भी उपयोग नहीं करना चाहिए।

पलिवा 433 की संरचना – PLIVA 433 composition

इस दवा में निम्न कारक सक्रिय सामग्री के रूप में उपस्थित है-

  • ट्रैज़ोडोन (Trazodone) 50 मिली ग्राम

निर्माता – Major Pharmaceuticals
पर्चा – जरूरी है
रूप – टेबलेट
दवा का प्रकार – उदासीनता दूर करने वाली दवा

पलिवा 433 के उपयोग और फायदे – PLIVA 433 Uses

यह एक प्रिस्क्रिप्शन ड्रग है मतलब डॉक्टर का लिखा पर्चा दिखा कर ही इसे दवा की दूकान से लिया जा सकता है। इस दवा का उपयोग निम्नलिखित बीमारियों एवं लक्षणों के बचाव में, नियंत्रण में और इलाज़ में किया जाता है-

  • उदासीनता
  • अनिद्रा
  • बेचैनी
  • मनोस्थिति में सुधार करने के लिए
  • मेजर डिप्रेसिव डिसऑर्डर के इलाज में
  • फाइब्रोमयालजिया
  • बेहोशी छाना

पलिवा 433 कैसे काम करती है ? – How does PLIVA 433 work?

यह दवा मस्तिष्क में सेरोटोनिन नामक रसायन का स्तर सामान्य रखती है जो उदासीनता से ग्रस्त लोगों में बदलती मनोदशा को काबू में रखता है।

पलिवा 433 के दुष्प्रभाव – Side Effects of PLIVA 433

जब आप इस दवा का इस्तेमाल करते हैं तो कुछ दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं। आप इन दुष्परिणामों के जानकार बने और और ऐसे कोई भी लक्षण दिखे जो जल्दी ख़तम न हो रहे हों तो आगे की जांच के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। हो सकता है आपके डॉक्टर खुराक में तब्दीली करें या आपकी तबियत को देखते हुए इलाज में बदलाव करें। पलिवा 433 से जुड़े कुछ दुष्प्रभाव निम्नलिखित हैं जिसमे से कुछ आमतौर पर देखे जाते हैं परन्तु कुछ तीव्र भी हो सकते हैं। अगर आपको इनमे से कोई भी लक्षण देखने को मिलता है या कोई दूसरी स्वास्थ्य समस्या आती है तो तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें।

  • मितली आना
  • उलटी आना
  • दस्त
  • उनींदापन
  • चक्कर आना
  • थकान
  • धुन्दला दिखना
  • वजन का कम होना या बढ़ जाना
  • सरदर्द
  • मासपेशियों में दर्द
  • मुह सूखना
  • मुह में खराब स्वाद आना
  • नाक बंद होना
  • कब्ज
  • यौन इच्छा या / और क्षमता में परिवर्तन

इस दवा के कुछ गंभीर दुष्प्रभाव इस प्रकार हैं-

  • कम्पन
  • दुस्पन
  • कान में झनझनाहट
  • पेशाब करने में तकलीफ
  • पेशाब में खून आना
  • बुखार
  • गले में दर्द और खराश
  • सांस लेने में तकलीफ
  • पेट दर्द
  • सीने में दर्द
  • बेहोशी
  • अनियमित दिल की धड़कन
  • मिर्गी
  • आँखे लाल होना या सूजन व दर्द होना
  • पुतली चौड़ी हो जाना
  • नज़र कमजोर होना
  • त्वचा में चिकत्ते
  • अत्यधिक चक्कर आना
  • सांस लेने ममे तकलीफ

पलिवा 433 लेने से पहले सावधानियां – Precautions before Using PLIVA 433

यह एक प्रिस्क्रिप्शन ड्रग है इसीलिए सलाह दी जाती है की अपने डॉक्टर के परामर्श अनुसार ही दवा लें या फिर पैकेट पर लिखे निर्देशों का पालन करें। टेबलेट लेने से पहले अपने डॉक्टर को जरूर बता दें की आप कौनसी दवाईयां ले रहे हैं। यदि बिना परामर्श के कोई दवा लेते हैं (जैसे प्राकृतिक दवाइयां, विटामिन), यदि कोइ एलर्जी थी या है, स्वास्थ सम्बंधि कोई भी बात हो (जैसे लीवर या किडनी की बीमारी), गर्भवती होने की स्थिति में या आने वाले समय मे कोई ऑपरेशन होना हो तो अपने डॉक्टर को सूचित कर दें। ऐसा करने से अगर जरुरत हुई तो डॉक्टर आपकी खुराक में तब्दीली कर सकते हैं। आपकी तबियत की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टर पहले कम खुराक से शुरुआत करने की सलाह दे सकते हैं ताकि यह निर्धारित कर सकें की यह दवा आपके शरीर के लिए उपयुक्त है या नहीं।

अगर आपको या आपके परिवार में किसी को भी इसमें से कोई बीमारी है तो डॉक्टर को जरूर सूचित कर दें-

  • बाइपोलर डिसऑर्डर
  • आत्महत्या की कोशिश
  • ह्रदय सम्बन्धी समस्या
  • लीवर की बीमारी
  • गुर्दे की बीमारी
  • रक्तचाप अनियंत्रित रहना
  • ग्लूकोमा

पलिवा 433 का दूसरी दवाइयों के साथ प्रभाव – Possible Drug interactions of PLIVA 433

दवाइयां कुछ बीमारियों के इलाज के लिए उपयोग की जाती है। परन्तु ऐसा देखा गया है की दूसरी दवाइयों के साथ मिलने पर ये दुष्परिणाम ला सकती हैं। इसीलिए सलाह दी जाती है की यदि आप कोई भी दवा उपयोग कर रहे हैं या कोई स्वास्थ्य वर्धक पदार्थ लेते हैं तो अपने चिकित्सक को जरूर बताएं जिससे सही जांच और इलाज हो पाए।

डॉक्टर की सलाह के बिना खुराक में कोई बदलाव न करें। निम्नलिखित दवाइयां पलिवा 433 के साथ मिलने पर दुष्प्रभावित कर सकती हैं-

  • Abilify (Aripiprazole)
  • Adderall (Amphetamine / Dextroamphetamine)
  • Ambien (Zolpidem)
  • Amitriptyline
  • Ativan (Lorazepam)
  • Benadryl (Diphenhydramine)
  • Celexa (Citalopram)
  • Clonazepam
  • Cymbalta (Duloxetine)
  • Fish Oil (Omega-3 Polyunsaturated fatty acids)
  • Flexeril (Cyclobenzaprine)
  • Klonopin (Clonazepam)
  • Lamictal (Lamotrigine)
  • Lexapro (Escitalopram)
  • Lyrica (Pregabalin)
  • Melatonin
  • Nexium (Esomeprazole)
  • Norco (Acetaminophen/ Hydrocodone)
  • Oxycodone
  • Prozac (Fluoxetine)
  • Seroquel (Quetiapine)
  • Suboxone (Buprenorphine / Naloxone)
  • Synthroid (Levothyroxine)
  • Topamax (Topiramate)
  • Tylenol (Acetaminophen)
  • Vitamin B12 (Cyanocobalamin)
  • Vitamin D3 (Cholecalciferol)
  • Wellbutrin (Bupropion)
  • Xanax (Blprazolam)
  • Zoloft (Sertraline)

गर्भावस्था की श्रेणी-C क्या है ? – What is Pregnancy Category-C Drug?

फ़ूड एण्ड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के अनुसार इस श्रेणी में वह दवाइयां आती हैं जो गर्भस्थ जानवरों के भूर्ण पर नकारात्मत असर डालती हैं, परन्तु मनुष्य के भूर्ण पर इस तरह के असर का कोई ठोस प्रमाण उपलब्ध नहीं है। गर्भावस्था के दौरान यह दवाइयां लेने की सलाह नहीं दी जाती है जबतक आवश्यक न हो और नुक्सान से ज्यादा फ़ायदा हो।

अवश्यक चेतावनियाँ –

  • इस दवा को लेंते समय नाड़ी और रक्तचाप का हिसाब रखें
  • गर्भावस्था में इसका उपयोग तभी करें जब दुष्प्रभाव से ज्यादा फायदे हों
  • उसी प्रकार स्तनपान करवाने वाली महिलाओं को भी इसका इस्तेमाल तभी करना चाहिए जब जरूरी हो और दुष्प्रभाव से ज्यादा फायदे हों
  • अगर कोई खुराक छूट गयी है तो याद आते ही बची हुई खुराक ले लें। अगर अगली खुराक लेने का समय हो गया हो तो एक खुराक छोड़ दें, पर कभी भी दोगुनी मात्रा में दवाई न लें
  • इस दवा को लेते समय डॉक्टर से नियमित जांच करवाते रहें

अगर किसी कारण से एक अनुभवी डॉक्टर आपके आस-पास उपलब्ध नहीं है, तो आप यहां हमसे संपर्क कर सकते हैं।

Dr. Shikha Khare is a mentor at MDS CONQUER – A premier institute for NEET MDS aspirants. She has completed her Masters in Dental Surgery from JSS Dental College, Mysore with distinction. She has several publications to her credit and has been awarded for the best original research paper presentation by Indian Academy of Oral Medicine and Radiology.

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