HIV and AIDS

Lets Know About HIV AIDS in Hindi

Human Immunodeficiency Virus  एचआईवी (HIV) एक लेंटिवायरस है जो Acquired Immunodeficiency Syndrome  एड्स(AIDS) का कारण बनता है| एचआईवी (HIV) का संक्रमण रक्त के अंतरण, वीर्य, योनिक-द्रव या मां के दूध से होता है| इन शारीरिक द्रवों में, एचआईवी (HIV) मुक्त जीवाणु कणों और प्रतिरक्षा कोशिकाओं के भीतर उपस्थित जीवाणु, दोनों के रूप में उपस्थित होता है| इसके संचरण के चार मुख्य मार्ग असुरक्षित यौन-संबंध, संक्रमित सुई, मां का दूध और किसी संक्रमित मां से उसके बच्चे को जन्म के समय होने वाला संचरण हैं।

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About HIV Aids in Hindi

प्राथमिक रूप से एचआईवी (HIV) मानवीय प्रतिरोधक प्रणाली की आवश्यक कोशिकाओं, जैसे सहायक टी-कोशिकाएं (helper T cells) (विशिष्ट रूप से, सीडी4+ टी कोशिकाएं), मैक्रोफेज और डेंड्राइटिक कोशिका को संक्रमित करता है|

एचआईवी (HIV) संक्रमण के परिणामस्वरूप सीडी4+ टी (CD4+ T) के स्तरों में कमी आने की तीन मुख्य कार्यविधियां हैं: सबसे पहले, संक्रमित कोशिकाओं की प्रत्यक्ष जीवाण्विक समाप्ति, दूसरी, संक्रमित कोशिका में एपोप्टॉसिस की बढ़ी हुई दर, और तीसरी संक्रमित कोशिका की पहचान करने वाले सीडी8 (CD8) साइटोटॉक्सिक लिम्फोसाइट द्वारा संक्रमित सीडी4+ टी कोशिकाओं (CD4+ T cells) की समाप्ति|

जब सीडी4+ टी (CD4+ T) कोशिकाओं की संख्या एक आवश्यक स्तर से नीचे गिर जाती है, तो कोशिका की मध्यस्थता से होने वाली प्रतिरक्षा समाप्त हो जाता है और शरीर के अवसरवादी संक्रमणों से ग्रस्त होने की संभावना बढ़ने लगती है।

अधिकांश लोगों में एचआईवी संक्रमण के 10 वर्षों के भीतर एड्स विकसित होता है| कुछ लोगों में यह बहुत ही शीघ्र जल्दी और कुछ लोग बहुत समय के बाद होता है| एंटी-रेट्रोवायरल के द्वारा उपचार किये जाने पर एचआईवी संक्रमित लोगों के जीवित रहने की संभावना बढ़ जाती है| एंटीरेट्रोवायरल उपचार के बाद व्यक्ति पीड़ित ब्यक्ति 5 वर्षों से अधिक जीवित रह सकता है| पर एंटीरेट्रोवायरल उपचार के बिना, एड्स से ग्रस्त किसी व्यक्ति की मृत्यु ज्यादातर एक वर्ष की भीतर ही हो जाती है|

एचआईवी होने की कुछ मुख्य कारण – Main Infection Causes of HIV Aids in Hindi

यौन-क्रिया संबंधी – Through An Unprotected Sex

अधिकांश एचआईवी संक्रमण असुरक्षित यौन संबंधों के कारण ही होता है| संगम के दौरान जब एक साथी के संक्रमित यौन-स्राव दूसरे के लैंगिक, मौखिक या गुदा की श्लेष्म झिल्ली के संपर्क में आते हैं, तब यह ट्रांसफर हो सकता है| उन्नत देशों में, महिला-से-पुरुष में होने वाले संचरण की दर 0.04% और पुरुष-से-महिला संचरण की दर 0.08% है| विभिन्न कारणों से, निम्न-आय वाले देशों में ये दरें 4 से 10 गुना अधिक हैं| और सबसे जरुरी बात यह है की सम्भोग की दौरान यहाँ पे कंडोम इस्तेमाल बहुत कम किया जाता है| भारत जैसे कुछ देशों में पुरुष खासकर सम्भोग के दौरान कंडोम इस्तेमाल करना बेजरूरत मानते हैं साथ ही कुछ पारम्परिक सोच से भी प्रभाबित होते हैं|

कंडोम का सही और नियमित प्रयोग एचआईवी (HIV) के यौन संचरण के जोखिम को लगभग 85% तक कम कर देता है| हालांकि, स्पर्मीसाइड(Spermicide) वास्तव में संचरण खतरे दर को बढ़ा सकता है|

रक्त अथवा रक्त उत्पाद – Blood Transfusion

अगर संक्रमित रक्त किसी भी खुले घाव के संपर्क में आ जाए, तो एचआईवी ट्रंसफर हो सकता है| यह उन लोगों के लिये भी चिंता का विषय है, जो ऐसे क्षेत्रों में चिकित्सीय देखभाल कर रहे हों| साथ ही इंजेक्शन उपकरण के प्रयोग में स्वच्छता के घटिया स्तर प्रचलित होने की कारन भी यह फैलता है| स्वास्थ्य सेवा कार्यकर्ताओं, जैसे परिचारिकाएं, प्रयोगशाला सहायक और चिकित्सक भी संक्रमित होते रहे हैं, हालांकि ऐसा बहुत दुर्लभ मामलों में ही होता है| पर सावधानी बिलकुल इसमें भी रखना चाहिए और सफाई का ध्यान रखना भी जरुरी होता है इसमें|

मां से बच्चों को – From a pregnant mother to child in the womb

एक मां से उसकी संतान में एचआईवी (HIV) का संक्रमण गर्भावस्था के दौरान, बच्चे को जन्म देते समय या फिर स्तनपान के माध्यम से हो सकता है| अगर इलाज न हो तो मा और बच्चे के बीच जन्म तक संचरण की दर लगभग 25% हो सकता है| हालांकि, जहां संयोजनात्मक एंटीरेट्रोवियल दवाओं से उपचार और सीज़ेरियन सेक्शन उपलब्ध हों, वहां इस जोखिम को कम करके एक प्रतिशत तक किया जा सकता है| जन्म के बाद मां-से-संतान में होने वाले संचरण को स्तनपान पर पूर्ण प्रतिबंध लगाकर बड़े पैमाने पर रोका जा सकता है|

आइये जानते हैं एचआईवी के कुछ लक्षण – Symptoms of HIV AIDS

बहुत सरे लोग एचआईवी के लक्षण को नहीं समझ पाते हैं जिस कारन से उन्हें इलाज में भी काफी देर हो जाती है| एचआईवी के निचे दिए गए लक्षण जीवाणु शरीर में प्रबेश के 2 हप्ते बाद से ही दिखने लगते हैं| जैसे –

  • बुखार
  • ठंड लगना
  • जोड़ों का दर्द
  • मांसपेशियों के दर्द
  • गले में खराश
  • पसीना (विशेषकर रात में)
  • बढ़े हुए ग्रंथियां
  • शरीर में लाल दाने
  • थकान
  • दुर्बलता
  • अनचाहे वजन घटना

बहुत से समय एचआईवी के लक्षण बहुत देर से दिखाई पड़ता है पर इस तरह लक्षण थोड़ा अलग होता है पहले स्टेज की संक्रमण लक्षण की तुलना में| इन लक्षणों के बारे में भी आइये जान लेते हैं-

  • आँखों की दृष्टि धुंधली होना
  • दस्त होना जो काफी समय से हो रहा है
  • सूखी खाँसी की समस्या
  • 100 डिग्री से ज्यादा बुखार एक हप्ते ज्यादा स्थायी होना
  • रात को बहुत ज्यादा पसीना आना
  • स्थायी रूप से हर काम करने में थकान होना
  • सांस की कमी महसूस करना
  • ग्रंथियां में एक हप्ते से ज्यादा समय तक सूजन होना
  • अचानक वजन घटते रहना
  • जीभ या मुंह पर सफेद धब्बे

एचआईवी से दूर रहने की कुछ उपाय – Preventive measures of HIV AIDS

सम्भोग के दौरान हमेशा ही कंडोम इस्तेमाल करना चाहिए इससे एचआईवी की संभावना 88% कम हो जाती है|

कभी भी ऐसे ब्यक्ति के साथ शारीरिक सम्बन्ध बना नहीं चाहिए जिन्होंने बहुत के साथ ऐसे सम्बन्ध किये है बहुत समय दूसरे संक्रमण से भी एचआईवी फैलता है|

किसी भी हॉस्पिटल में रैंक सम्बन्धी जाँच करते समय यह ध्यान रखना जरुरी है की वह पे इंजेक्शन देनेवाले नीडल एक ही बार इस्तेमाल किये गए हो|

गर्व में संतान आने के बाद हमेशा ही एचआईवी टेस्ट करना बहुत ही जरुरी है सही समय पर यह पता लगने से

किसी भी रक्त को अगर आपको अपने शरीर में लेना है तो उस ेफ्ली जाँच जरूर करवा ले|

हर बीमारी की तरह इसमें भी साफ सुथरा रहना बहुत जरुरी होता है कई समय दूसरे संक्रमण से भी यह हो सकता है|

बहुत से लोग सिंगल पेरेंट्स बनना चाहते हैं आजकल इसमें स्पर्म डोनर की स्पर्म को भी जाँच की जरुरत है बहुत से समय इससे भी इस तरह का संक्रमण हो सकता है जबकि इससे सम्भाबनाय कम है आजकल क्यूंकि गुणबत्ता वाले स्पर्म ही इस्तेमाल में लाया जाता है|

बहुत से समय शरीर में कुछ लक्षण देखकर अगर संदेहो तो डॉक्टर के पास जरूर जान चाहिए पहेली स्टेज में यह चिकत्सा से काफी हद तक अच्छी हो सकती है|

एचआईवी और एड्स मिथकों और गलत धारणा – Myths and Misconceptions about HIV and AIDS

एचआईवी और एड्स के बारे में कई गलत धारणाएं हैं जो की बिलकुल ही बेबुनियाद है –

  • एचआईवी किसी से हाथ मिलाने से बढ़ता है
  • किसी से गले मिलने से यह रोग हो सकता है
  • किसी को चुंबन यानि किस करने से यह फैलता है
  • चआईवी रोगी की छींक से यह संक्रमण हो सकता है
  • त्वचा के साथ छुए जाने से यह होता है
  • एक ही शौचालय का उपयोग करने से यह होता है
  • गमछा या तौले साझा करने से होता है
  • एक ही कटलरी से नाख़ून काटने से
  • मुह से मुह लगाने से

इस तरह की धहरणाय बस इंसान के मन गरण है चिकस्ता बिज्ञान में इन साडी चीजों को नकारा गया है इससे किसी भी प्रकार की कोई संक्रमण नहीं होता|

आखिर में एक बात बोलना बहुत जरुरी है की एचआईवी की रोगी को सवाई के साथ साथ मानसिक रूप से साहस और समर्थन की भी जरुरत होती है| यह रोग शरीर के साथ साथ मन को भी बहुत ज्यादा प्रभाबित करता है| अच्छा अगर कोई ऐसे समस्या से पीड़ित है तो वो मनोरोग बिश्लेषक से भी संपर्क बनाए रखे और अपने मनोबल को कमा न होने दे|

Reference – HIV/AIDS – Wikipedia

HIV AIDS in Hindi, Symptoms of HIV AIDS in Hindi, Preventive measures of HIV AIDS in Hindi, Causes of HIV AIDS in Hindi, Details about HIV AIDS in Hindi

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