Giloy in Hindi

Giloy in Hindi

Giloy जिसे हिंदी में भी गिलोय कहाँ जाता है और संस्कृत में अमृता| गिलोय के पत्ते पान के पत्ते की तरह होते हैं| गिलोय बहुत ही गुणकारी होने की कारण इसका नाम अमृता भी रखा गया है| इसकी पत्तियों में प्रोटीन, फास्‍फोरस और साथ ही तने में स्टार्च पाया जाता है| वात, कफ और पित्तनाशक भी होती है गिलोय| गिलोय शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदत करता है| साथ ही इसमें एंटीबायोटिक और एंटीवायरल तत्‍व भी होते है जो बहुत ही फायदेमंद होता है हमारे लिए|

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गिलोय (Giloy)  के बारे में कुछ सामन्य बातें

गिलोय एक बहुवर्षिय लता होती है| इसके पत्ते पान के पत्ते की तरह होते हैं| आयुर्वेद में इसके कई नाम उल्लेख है जैसे अमृता, गुडुची, छिन्नरुहा, चक्रांगी| आयुर्वेद में इसे बुखार की विशेष औषधि माना गया है इसलिए इसे जीवन्तिका नाम दिया गया है| गिलोय की लता जंगलों, खेतों की मेड़ों, पहाड़ों की चट्टानों आदि स्थानों पर दिखती है|

नीम, आम्र के पेड़ के आस-पास भी यह मिलती है| जिस पेड़ को यह अपना आधार बनाती है, उसके गुण भी इसमें समाहित रहते हैं| इस दृष्टि से नीम पर चढ़ी गिलोय सबसे अच्छी औषधि मानी जाती है| स्वाद में यह तीखी होती है, पर गंध कुछ विशेष नहीं होती| पहचान के लिए इसके क्वाथ में जब आयोडीन का घोल डाला जाता है तो यह गहरा नीला रंग हो जाता है| यह इसमें स्टार्च की उपस्थिति के कारण होता है|

गिलोय (Giloy) में रहनेवाले पोषण तत्वों

  • कैलोरी – 47
  • सोडियम – 0 mg
  • टोटल फैट – 0 g
  • पोटैशियम – 0 mg
  • सैचुरेटेड – 0 ग
  • टोटल कार्बोहाइड्रेट – 47 g
  • पॉलीअनसेचुरेटेड – 0 g
  • डाइटरी फाइबर – 0 g
  • मोनोअनसेचुरेटेड – 0 g
  • शुगर – 0 g
  • प्रोटीन – 1 g
  • कोलेस्ट्रॉल – 0 mg
  • विटामिन A – 0%
  • कैल्शियम – 0%
  • विटामिन C – 2%
  • आयरन – 0%

गिलोय (Giloy) के कुछ विशेष स्वास्थ्यकारी फ़ायदे

  1. शरीर में खून की कमी को दूर करें
  2. पीलिया को ठीक करने में हैं फायदेमंद
  3. शरीर में जलन की समस्या दूर करें
  4. पेट की कई तरह के रोगों में लाभकारी
  5. आंखों के लिए फायदेमंद है गिलोय रस
  6. बुखार के लिए सबसे असरदार है गिलोय
  7. खुजली दूर भगाएं गिलोय
  8. श्वास सम्बन्धी समस्या को कम करे गिलोय

शरीर में खून की कमी को दूर करें – Good for Anemia

गिलोय शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और साथ ही शरीर में खून की कमी को दूर करता है| इसके लिए प्रतिदिन सुबह-शाम गिलोय का रस घी या शहद मिलाकर सेवन करने से शरीर में खून की कमी दूर होती है| इसमें अच्छी मात्रा में रहनेवाले पोषक तत्वों हमारे शरीर में खून की कमी को पूरा करने में मदत करता है| अगर किसी को एनीमिया की समस्या है तो उसमें भी गिलोय जूस बहुत ही फ़ायदेदायक होता है|

पीलिया को ठीक करने में हैं फायदेमंद – Beneficial for jaundice

गिलोय का सेवन पीलिया यानि जॉन्डिस रोग में उपयोग के लिए बहुत ही सही होता है| इसके लिए गिलोय का एक चम्मच चूर्ण, काली मिर्च अथवा त्रिफला का एक चम्मच चूर्ण शहद में मिलाकर लेने से पीलिया रोग में लाभ होती है| शरीर में रहनेवाली गर्मी भी इससे दूर होती है| गिलोय के पत्तों को पीसकर उसका रस निकाल कर एक चम्‍मच रस को एक गिलास मट्ठे में मिलाकर सुबह-सुबह पीने से पीलिया ठीक हो जाता है| गुड़ के साथ भी इसे सेवन करना फ़ायदेदायक होता है पर गुड़ साफ होना बहुत जरुरी है|

शरीर में जलन की समस्या दूर करें – Remove the problem of burning sensation in the body

अगर आपको जलन होने की समस्या हो और बहुत उपाय करने के बाद भी आपको कोई फायदा नहीं हो रहा है तो आप गिलोय का इस्‍तेमाल करे, यह आपके जलन को कम करने में मदत करने के साथ साथ आपको ठंडक भी देगी| इसके लिए गिलोय के रस को नीम के पत्ते एवं आंवला के साथ मिलाकर काढ़ा बना लें| प्रतिदिन कम से कम दोबार इस काढ़े का सेवन करें इससे हाथ पैरों और शरीर की जलन दूर हो जाती है|

पेट की कई तरह के रोगों में लाभकारी – Beneficial in many types of stomach diseases

गिलोय के रस या गिलोय के रस में शहद मिलाकर सेवन करने से पेट से संबंधित सभी रोग ठीक हो जाते हैं| इसमें रहनेवाले पोषक तत्वों बहुत अच्छी फायदा देती है इसलिए अगर गिलोय और शतावरी को साथ पीस कर एक गिलास पानी में मिलाकर उबाल कर काढ़ा आधा रह जाये तो इस काढ़े को सुबह-शाम पीये| इससे आपके पेट के कई सारे समस्या कम हो जाएगी|

आंखों के लिए फायदेमंद है गिलोय रस – Giloy juice is beneficial for eyes

गिलोय का रस आंवले के रस के साथ मिलाकर लेना आंखों के रोगों के लिए बहुत लाभकारी होता है| इसमें रहनेवाले फॉस्फोरस आँखों के लिए बहुत ही जरुरी पोषण होता है| इसके सेवन से आंखों के सारे रोगो तो दूर होते ही है, साथ ही आंखों की रोशनी भी तेज होती है| बच्चों के लिए गिलोय के रस में त्रिफला मिलाकर काढ़ा बना ले, और इस काढ़े में शहद मिलाकर सुबह-शाम बच्चों को देते रहे| इससे उम्र के साथ साथ उनके आँखों के रौशनी भी तेज होगी|

बुखार के लिए सबसे असरदार है गिलोय – Giloy is the most effective for fever

गिलोय एक रसायन है जो रक्त को परिशोध करता है| साथ ही यह एक तरह की लीवर टोनिक के रूप में भी काम करता है| गिलोय के रस में शहद मिलाकर लेने से बार-बार होने वाला बुखार ठीक हो जाता है| या गिलोय के रस में पीपल का चूर्ण और शहद को मिलाकर लेने से तेज बुखार तथा खांसी ठीक हो जाती है| इसमें रहनेवाले पोषक तत्वों बहुत ही अच्छी होती है किसी भी तरह की बुखार को कम करने में| मौसमी बुखार में गिलोय के रस देने से बुखार नहीं बढ़ता है|

खुजली दूर भगाएं गिलोय – Good for itching

खुजली अक्‍सर रक्त विकार के कारण ही होती है| गिलोय के रस पीने से रक्त विकार दूर होती है जिससे खुजली से भी छुटकारा मिलता है| इसके लिए गिलोय के पत्तों को हल्दी के साथ पीसकर खुजली वाले स्थान पर लगाएंगे तो बहुत ही अच्छा और सही होगा| बहुत से लोगों को कई सारे चीजों से खुजली की समस्या हो जाती है और कई समय धूल से भी हो जाती है उनके लिए गिलोय बहुत ही अच्छा होता है|

श्वास सम्बन्धी समस्या को कम करे गिलोय – Giloy benefits for Asthama

आजकल बच्चों में खास कर श्वास सम्बन्धी समस्या ज्यादा देखि जा रही है| अस्थमा समस्या में अक्सर हम दबाई के उपयोग ही करते हैं| अगर हम गिलोय के रस इसमें उपयोग करेंगे तो यह हमारे श्वास सम्बन्धी कई तरह के समस्या को कम करने में बहुत ही अच्छी मदत करती है| जिन्हे अस्थमा समस्या है उन्हें रोज अगर थोड़ी मात्रा में भी हो तब भी गिलोय रस लेना ही चाहिए| श्वास समस्या इससे बहुत ही आसानी से कम हो जाएगी|

नीचे दिए गए इन सारे समस्या के लिए आप गिलोय इस्तेमाल कर सकते हैं, आइये जान ले –

सामान्यत

  • बुखार
  • सामान्य जुखाम

ह्रदय और रक्त सम्बन्धी

  • उच्च कोलेस्ट्रॉल का स्तर
  • अथेरोस्क्लेरोसिस
  • दिल की कमजोरी

पाचन स्वास्थ्य सम्बन्धी

  • पेट की गैस
  • क्रोनिक गैस्ट्रिटिस
  • कब्ज
  • ग्रहणी अल्सर
  • पेप्टिक छाला
  • मुँह में छाला
  • अल्सरेटिव कोलाइटिस
  • हेपेटाइटिस
  • पित्ताशय की थैली का सूजन
  • भूख में कमी
  • खट्टापन
  • गैस या पेट फूलना
  • सूजन
  • एब्डोमिनल डिस्टेंसिओं

मांसपेशियों, हड्डियों और जोड़ों

  • रहूमटॉइड आर्थराइटिस
  • गाउट

किडनी और मूत्राशय

  • किडनी में कोई समस्या या पथरी
  • मूत्राशय में तैलाक्त या चिपचिपा निर्वहन
  • पेशाब में जलन

उपर में से होने वाले किसी भी समस्या में गिलोय बहुत ही अच्छा होता है उपचार के तौर पे, पर इन सारे समस्या से आप अगर बहुत ज्यादा पीड़ित है तो डॉक्टर से इलाज जरूर करे और उनके सलाह पर ही गिलोय इस्तेमाल करे|

भारतीय भाषाओं में गिलोय के नाम

  • हिंदी – गिलोय, गुलांचा
  • संस्कृत – अमृता, गुडुची, अमृतवल्ली, अमृतवल्लरी,
  • पंजाबी – बटिंडू, गरहम, गरूम
  • मराठी – गिलोय
  • बंगाली – गुलांचा
  • गुजरती – गिलया
  • कन्नड़ – गिलोय
  • तेलुगु – टिप्पा टीगा

Resource – food.ndtv.com

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Reviews

Giloy in Hindi
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★★★★★
यह वास्तव में एक अच्छा पोस्ट है क्यूकि इस पोस्ट में विभिन्न प्रकार के बीमारी को सही करने के घरेलू उपचारों के बारे में बात किया गया है। गिलोय की बेल बहुवर्षिय होती है और इसके पत्ते पान के पत्ते की तरह होती हैं जिन में कैल्शि‍यम, प्रोटीन, फॉस्फोरस पर्याप्त मात्रा में होता है
- Alisa Hudson

 

 

 

 

 

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