Cefoperazone Sulbactam in Hindi

सैफोपेराज़ोन सुल्बैक्टम का इंजेक्शन पेट के इन्फेक्शन, पेशाब के रास्ते का कोई इन्फेक्शन और बहुत सी सांस की समस्याओं के इलाज के लिए दिया जाता है।

आइये जानते हैं की सैफोपेराज़ोन सुल्बैक्टम कैसे काम करती है, इसके क्या दुष्प्रभाव हैं, इसके उपयोग में क्या सावधानियां बरतनी चाहिए और कुछ निषेध जब सैफोपेराज़ोन सुल्बैक्टम का बिलकुल इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

रसायन

यह इंजेक्शन बहुत से चिकित्सीय कामों में उपयोग किया जाता है जैसे सर्जिकल इन्फेक्शन, बैक्टीरियल इन्फेक्शन, इत्यादि। इस इंजेक्शन इन उपस्थित सक्रिय सामग्री है-

  • सैफोपेराज़ोने – १ ग्राम
  • सुल्बैक्टम – ५०० मिली ग्राम / १ ग्राम

कुछ ब्रांड निर्माता

  • दवाइयों का यह मिश्रण सैफोपेराज़ोन १ ग्राम और सुल्बैक्टम ५०० मिली ग्राम Ipca Labs नामक कंपनी द्वारा निर्मित करके Lactagard ब्रांड के नाम से बेचा जाता है। यह १.५ ग्राम इंजेक्शन 160.60 रू में बाज़ार में उपलब्ध है।
  • इसका विकल्प है Cefglobe S Forte का १.५ ग्राम इंजेक्शन जिसके निर्माता Micro Labs हैं। यह 186.78 में मिलता है।
  • Unichem नामक कंपनी भी इस दवा का निर्माण करके Tufzone १.५ ग्राम इंजेक्शन 189.95 रू में बेचती है।

यह दवा कैसे काम करती है? – How Does The Medication Work?

  • सैफोपेराज़ोने एक बैक्टीरिया को मारने वाली एंटीबायोटिक दवाई है। यह बैक्टीरिया की बाहरी झिल्ली बनने से रोकती है और इस प्रकार बैक्टीरिया का नाश करती है। यह विभाजित हो रहे बैक्टीरिया में नई झिल्ली का निर्माण नहीं होने देती। यह असर अपरिवर्तनीय रहता है।
  • सुल्बैक्टम बीटा-लैक्टमेस एंजाइम को बाधित करता है जिससे बीटा-लैक्टम असक्रिय हो जाता है। इसका प्रभाव अपरिवर्तनीय रहता है।

सैफोपेराज़ोन सुल्बैक्टम के उपयोग और फायदे – Uses and Benefits of Cefoperazone Sulbactam

यह गोली दो दवाइयों से मिलकर बनी है और बैक्टीरिया व अन्य संक्रमणों को ख़तम करने के काम आती है। सैफोपेराज़ोन सुल्बैक्टम निम्नलिखित बीमारियों एवं लक्षणों के बचाव, नियंत्रण और इलाज़ उपयोगी है-

  • मैनिंजाइटिस
  • स्त्री रोग संक्रमण
  • पेशाब के रस्ते में संक्रमण
  • सांस लेने के रस्ते में संक्रमण
  • हड्डी और जोड़ में संक्रमण
  • त्वचा और अन्य कोशिकाओं में संक्रमण
  • सेप्टिसीमिया
  • पेट और आंतों में इन्फेक्शन
  • पेरिटोनिटिस
  • एंडोमेटराइटिस
  • सर्जिकल इन्फेक्शन
  • पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज

सैफोपेराज़ोन सुल्बैक्टम के दुष्प्रभाव – Cefoperazone Sulbactam Side Effects

यह दवा बहुत ही उपयोगी साबित हुई है। परन्तु कुछ बीमारियों में, एलर्जी होने पर या जरुरत से ज्यादा खुराक लेने पर इसके दुष्प्रभाव हो सकते हैं जैसे-

  • चिकत्ते
  • बुखार
  • मितली या उलटी आना
  • खून से जुडी बीमारी जैसे- हीमोग्लोबिन या हेमाटोक्रिट कम होना
  • त्वचा पर रिएक्शन
  • दस्त
  • इसिनोफिलिआ
  • अरटीकेरिया
  • प्रूराइटिस
  • लीवर के एंजाइम का रक्त में असामान्य स्तर तक बढ़ जाना
  • ब्लड यूरिया नाइट्रोजन और सीरम क्रिएटिनिन का बढ़ जाना
  • पाचन तंत्र की समस्या

कोई भी दुष्परिणाम दिखने पर मरीज को सलाह दी जाती है की तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।

निषेध – Contraindications of Cefoperazone Sulbactam

अगर आप पेनिसिलिन से एलर्जिक हैं या अतिसंवेदनशीलता की बीमारी हैं तो यह इंजेक्शन लेने की सलाह नहीं दी जाती है अन्यथा दुष्परिणाम हो सकते हैं। अगर मरीज गर्भवती है या स्तनपान करवाती है तो विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

सैफोपेराज़ोन सुल्बैक्टम का दूसरी दवाइयों के साथ प्रभाव – Cefoperazone Sulbactam Drug Interactions

यह गोली एमिनो ग्लाइकोसाइड के साथ मिलकर नकारात्मक प्रभाव डालती है। कुछ लोगों में इसकी वजह से किडनी खराब होने की शिकायत दर्ज की गयी है।

अगर आप हिपैरिन या वॉरफैरिन लेते हैं तो उसके साथ सैफोपेराज़ोन सुल्बैक्टम लेने से खून में प्रोथ्रोम्बिन की मात्रा कम हो सकती है जिसके फलस्वरूप रक्त्रिसाव की अवधि बढ़ जाती है।

नोट- यहाँ दी जा रही जानकारी सिर्फ ज्ञानवर्धन के लिए है। इस गोली को डॉक्टर के परामर्श पर ही लेने की सलाह दी जाती है।

खुराक

वयस्कों में सैफोपेराज़ोन सुल्बैक्टम १:१ के अनुपात में दी जाती है। बताये गए इन्फेक्शन में हर २४ घंटे में कुल १-२ ग्राम दवा, १२ घंटे के अंतराल पर बाँट कर दी जाती है। तीव्र संक्रमण की स्थिति में ४ ग्राम तक की दवा रोज़ १२ घंटे के अंतराल में दी जा सकती है। सुल्बैक्टम की अधिकतम खुराक ४ ग्राम प्रतिदिन ही दी जा सकती सकती।

बच्चों में भी १-१ के अनुपात में २०-४० मिली ग्राम/ प्रति किलो वजन/ प्रति दिन दी जा सकती है। इस खुराक को हर ६-१२ घंटों में बराबर मात्रा में बाँट कर देना होता है। तीव्र संक्रमण होने पर इस खुराक को बड़ा कर १६० मिली ग्राम/ प्रति किलो वजन/ प्रति दिन दिया जाता है। ऐसे में दिन में २-४ बराबर खुराक दी जाती हैं। बच्चों में सुल्बैक्टम की अधिकतम खुराक ८० मिली ग्राम/ प्रति किलो वजन/ प्रतिदिन दी जा सकती है।

दवा का उपयुक्त संचयन

नस में लगने वाला इंजेक्शन २५ डिग्री सल्सिअस से कम तापमान पर कभी नहीं रखना चाहिए। इस मिश्रण के कारक लगभग ७ दिन तक २-३ डिग्री के तापमान पर स्थिर रहते हैं। एक्सपायरी हो जाने पर बची हुई दवा का उपयोग नहीं करना चाहिए।

अगर किसी कारण से एक अनुभवी डॉक्टर आपके आस-पास उपलब्ध नहीं है, तो आप यहां हमसे संपर्क कर सकते हैं।

Dr. Shikha Khare is a mentor at MDS CONQUER – A premier institute for NEET MDS aspirants. She has completed her Masters in Dental Surgery from JSS Dental College, Mysore with distinction. She has several publications to her credit and has been awarded for the best original research paper presentation by Indian Academy of Oral Medicine and Radiology.

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